हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति के साथ काम करने का मज़ा ही कुछ और है।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने मंगलवार की रात वर्जीनिया राज्य में अपने समर्थकों के मध्य भाषण के दौरान कहा था कि " मैं सऊदी अरब से प्रेम करता हूं , आज ही सुबह मैंने किंग सलमान से टेलीफोन पर बात की है, और उनसे कहा है कि आप के पास खरबों डालर हैं, लेकिन ईश्वर की जाने सैनिक हमले के समय आप के देश का क्या हाल होगा... मैंने उनसे कहा कि राजा साहेब! शायद आप अपना विमान भी न बचा पाएं ... लेकिन हमारे साथ आप सुरक्षित हैं, मगर हमें उसके बदले में वह नहीं मिलता जो हमारा हक़ है।"
गुरुवार की रात भी अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने सऊदी अधिकारी और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा है कि उन्हें चाहिये कि वे हमारे उन सैनिकों का खर्च दें जो उनकी रक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने मेनीसोटा राज्य में एक चुनावी सभा में हज़ारों रिपब्लिकन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा हम सऊदी अरब की रक्षा करते हैं किन्तु वे इसका कम खर्च देते हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी नरेश को चाहिये कि वह उन अमेरिकी सैनिकों का भारी खर्च पूरी तरह से अदा करें जो सऊदी अरब की रक्षा करते हैं।
सऊदी क्राउन प्रिंस ने इसी प्रकार दावा किया कि उनका देश तेल उत्पादन में वृद्धि करके ईरान के तेल निर्यात को शून्य तक पहुंचाने या कमी की भरपाई करने पर आधारित अमरीकी राष्ट्रपति की अपील को लागू कर दिया है।
अमरीकी सरकार 8 मई को परमाणु समझौते से निकल गयी थी और उसने कहा था कि वह 4 नवम्बर तक ईरान के तेल निर्यात को शून्य तक पहुंचा देगी। ट्रम्प की धमकी के बाद ही तेल के मूल्यों में भारी उछाल देखने में मिला और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में प्रति बैरल 86 डाॅलर तक पहुंच गया।